म.प्र. में क्षमता निर्माण कार्यक्रम की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाई गई

म.प्र. में क्षमता निर्माण कार्यक्रम की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाई गई

भोपाल [महा मीडिया] म.प्र. में अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम अनिवार्य है। इसे कर्मचारियों के पदोन्नति एवं एसीआर से भी जोड़ा जाएगा। लेकिन विडंबना यह है कि मप्र में कई विभागों के कोर्स ही अभी तक तय नहीं हो पाए हैं। वहीं शासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों के लिए ट्रेनिंग को अनिवार्य माना जाएगा। ऐसे में  प्रशिक्षण न लेने वाले कर्मचारियों के प्रमोशन भी अटक सकते हैं।
प्रदेश के लगभग 8 लाख कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन आंकड़ों में नियमित पदों पर कार्यरत लगभग 4.5 लाख कर्मचारी और विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे करीब 3.5 लाख संविदा कर्मचारी शामिल हैं। शासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में पदोन्नति और अन्य सेवा लाभों के लिए ट्रेनिंग को अनिवार्य माना जाएगा।  पहले इस कोर्स को पूरा करने के लिए 31 मार्च की डेडलाइन तय की गई थी लेकिन कई विभागों में कोर्स मॉड्यूल तैयार न होने और तकनीकी कारणों को देखते हुए अब इस समय सीमा को बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है। इस बढ़ी हुई समय सीमा के बावजूद कई बड़े विभागों ने अब तक अपने कर्मचारियों के लिए विशिष्ट कोर्स मॉड्यूल तक तैयार नहीं किए हैं। प्रत्येक विभाग को अपने कार्यक्षेत्र के अनुसार अलग मॉड्यूल तैयार करने थे ताकि प्रशिक्षण केवल कागजी न रहकर व्यावहारिक बन सके।

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