अमोनियम नाइट्रेट की पहली स्वदेशी परियोजना ओडिशा में
मुंबई [ महामीडिया] ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में कोयले से अमोनियम नाइट्रेट बनाने की पहली स्वदेशी परियोजना के लिए समझौता हुआ है। इससे आयात पर निर्भरता भी घटेगी। इस परियोजना की क्षमता 2,000 टन प्रतिदिन (टीपीडी) है। यह समझौता महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर है । कोयला गैसीकरण तकनीक कोयले को सिंथेसिस गैस (सिनगैस) में बदलती है। फिर सिनगैस से अमोनिया, मेथनॉल, यूरिया, हाइड्रोजन, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस, पेट्रोकेमिकल्स और तरल ईंधन सहित विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद बनाए जा सकते हैं। लखनपुर परियोजना विशेष रूप से अमोनियम नाइट्रेट के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह प्रमुख औद्योगिक रसायन है और इसका उपयोग उर्वरकों और खनन में व्यापक रूप से होता है। कोयला मंत्रालय ने ऊर्जा उत्पादों के आयात को कम करने के लिए सात कोयला परियोजनाओं की अनुमति दी है । इन सात परियोजनाओं में से एक लखनपुर परियोजना है। सात परियोजनाओं में से चार महाराष्ट्र, दो ओडिशा और एक पश्चिम बंगाल में होगी।