कल सुपर मून का संयोग

कल सुपर मून का संयोग

भोपाल [महामीडिया] चांद जब धरती के सबसे करीब होता है और उसी समय पूर्णिमा होती है. उसे सुपरमून कहा जाता है. चांद की धरती के चारों ओर घूमने की दूरी हर समय बराबर नहीं रहती है. जब यह करीब होता है तो दूरी लगभग 3 लाख 54 हजार किलोमीटर होती है. वहीं जब दूर होता है तो करीब 402,336 किलोमीटर होती है. इसी वजह से सुपरमून के समय चांद ज्यादा बड़ा और ज्यादा चमकदार दिखता है. आमतौर पर साल में तीन या चार सुपरमून होते हैं लेकिन चार सुपरमून लगातार आना थोड़ा खास माना जाता है सुपरमून शनिवार 3 जनवरी को आसमान में दिखाई देगा. भारतीय समयानुसार यह 4 जनवरी रविवार की सुबह 3 बजकर 33 मिनट पर पूरी तरह गोल दिखेगा. बता दें कि चांद पूरी रात दिखेगा लेकिन यह सबसे खूबसूरत तब लगता है जब यह शाम के समय क्षितिज के पास उगेगा. ब्रिटेन के अलग-अलग शहरों में इसके उगने का समय दोपहर 3 बजे से शाम 4 बजे के बीच रहेगा. साल 2026 इसलिए भी खास है क्योंकि इस साल 12 की जगह 13 फुल मून होने वाले हैं

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