म.प्र. में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें प्रभावित
म.प्र. के विभिन्न जिलों में गरज-चमक के साथ हुई वर्षा ने आम आदमी को जहां तेज गर्मी से राहत दी वहीं किसानों को चिंता में डाल दिया है। ग्वालियर-चंबल अंचल सहित प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी, वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी हुई जिसने गेहूं की फसल पर बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी चार दिनों (आठ अप्रैल) तक ओलावृष्टि, तेज आंधी और बारिश कीआशंका जताई है ऐसे में अन्नदाता की नींद उड़ी हुई है। ओले न भी गिरे तो भी तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश फसल को नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मंदसौर, श्योपुरकलां, शिवपुरी, ग्वालियर भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बैतूल, नरसिंहपुर और सागर जिलों में ओले गिरे। शिवपुरी, मुरैना, अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, कटनी, सीधी, रीवा, चित्रकूट और सतना में 30 से 54 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। ग्वालियर में सबसे अधिक 31.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नौगांव में 28.6 मिमी, खजुराहो में 12.2 मिमी, सागर में 8.4 मिमी, सतना में 8.3 मिमी, छिंदवाड़ा में 3.6 मिमी और बैतूल में 2.4 मिमी बारिश हुई है। इससे फसलें प्रभवित हुयी हैं।