वरुथिनी एकादशी पर्व आज
भोपाल [महामीडिया]
आज 13 अप्रैल को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इसे वरुथिनी एकादशी कहते हैं। एकादशी पर विष्णु जी के लिए व्रत-उपवास करने की परंपरा है। सोमवार के स्वामी शिव जी माने गए हैं। ज्योतिष सोमवार का कारक ग्रह चंद्र को माना जाता है। एकादशी और सोमवार का योग होने से इस दिन विष्णु जी के साथ ही शिव जी और चंद्रदेव की भी पूजा खासतौर पर करनी चाहिए। ‘वरूथिनी’ का अर्थ होता है ‘कवच’. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और श्रद्धा के साथ यह व्रत करते हैं। भगवान विष्णु स्वयं उनकी कवच की तरह रक्षा करते हैं। साथ ही, व्यक्ति द्वारा जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।