भारत के सिनेमा उद्योग में स्वर्णिम युग की वापसी
भोपाल [महामीडिया] भारतीय सिनेमा इंडस्ट्री के लिए कैलेंडर वर्ष 2025 ब्लॉकबस्टर साल साबित हुआ है। ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिकॉर्ड 13,395 करोड़ रुपए रहा। जो सिनेमाघरों में दर्शकों की मजबूत वापसी को दिखाता है। तीसरी तिमाही में दर्शकों की संख्या 4.05 करोड़ रही जो पिछले साल की इसी तिमाही 3.73 करोड़ से 8.6% अधिक है। बीती तिमाही टिकटों की औसत कीमत 4% बढ़कर 293 रुपए हो गई जो सालाना आधार पर 4% ज्यादा है। साथ ही, खान-पान पर प्रति व्यक्ति औसत खर्च भी 4.2% बढ़कर 146 हो गया। इसी के चलते देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन पीवीआर आइनॉक्स ने अक्टूबर- दिसंबर तिमाही में 95.7 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया जो सालाना आधार पर 166.5% अधिक है।1940 से 1960 के दशक को प्रायः भारतीय सिनेमा का स्वर्णिम युग कहा जाता है। यह काल कलात्मक प्रयोगों, प्रभावशाली फिल्म निर्देशकों के उद्भव और सामाजिक विषयों की खोज से परिपूर्ण था। इस अवधि के दौरान हिंदी सिनेमा में राज कपूर, गुरु दत्त और बिमल रॉय जैसे उल्लेखनीय निर्देशकों का उदय हुआ।