म.प्र.पोषक अनाज उत्पादन में तीसरे शीर्ष स्थान पर पहुंचा

म.प्र.पोषक अनाज उत्पादन में तीसरे शीर्ष स्थान पर पहुंचा

भोपाल [महामीडिया] म.प्र. में खेती‎ एक बार फिर परंपरागत मोटे (पोषक)‎अनाज की ओर लौट रही है। कम पानी,‎ कम लागत और जलवायु अनुकूलता ने ‎‎किसानों का भरोसा मजबूत किया है। इसी‎ का असर है कि 2024–25 में प्रदेश ने ‎‎77.75 लाख टन मोटे अनाज का उत्पादन ‎‎किया। यह उत्पादन दो साल पहले की ‎तुलना में 18.62 लाख टन ज्यादा है। ‎‎2022–23 में उत्पादन 59.13 लाख टन ‎‎और 2023–24 में 56.74 लाख टन रहा ‎था।तेजी से बढ़ते उत्पादन के साथ‎ मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया ‎है।  प्रदेश के 52‎जिलों में ज्वार, 48 में मक्का और 44 जिलों ‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎में बाजरे की खेती हो रही है। कोदो-कुटकी‎जैसी पारंपरिक फसलें भी 27 जिलों में फिर‎से जमीन पकड़ रही हैं।‎ तेजी से बढ़ते उत्पादन के साथ‎ मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया ‎है। मोटे अनाज उत्पादन में कर्नाटक पहले‎ और राजस्थान दूसरे स्थान पर हैं। देश के‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ कुल मोटे अनाज उत्पादन में मध्यप्रदेश की ‎हिस्सेदारी 12.17 प्रतिशत है।

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