दिल्ली हाईकोर्ट ने तिब्बती मूल की महिला को भारतीय नागरिक घोषित किया
दिल्ली [महामीडिया] दिल्ली हाईकोर्ट ने एक निर्णय में धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में 1966 में जन्मी तिब्बती मूल की महिला को जन्म से भारतीय नागरिक घोषित करते हुए उसे भारतीय पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया। जस्टिस सचिन दत्ता ने यांगचेन ड्राकमारग्यापोन द्वारा दायर याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि वह नागरिकता अधिनियम के तहत जन्म से भारतीय नागरिक हैं। याचिकाकर्ता तिब्बती शरणार्थी वंश की हैं और 1997 में अपने पति से मिलने स्विट्ज़रलैंड गई थीं। वहां उन्हें और उनके परिवार को फॉरेनर्स पासपोर्ट जारी किए गए जिनकी वैधता 2014 में समाप्त हो गई। बाद में स्विस अधिकारियों ने पासपोर्ट नवीनीकरण से इनकार करते हुए उन्हें भारतीय प्राधिकरणों से राष्ट्रीय पासपोर्ट लेने को कहा क्योंकि उनका जन्म भारत में हुआ था।