सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारों पर सकारात्मक सोच को सामने रखा

सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारों पर सकारात्मक सोच को सामने रखा

मुंबई [महामीडिया] सुप्रीम कोर्ट में महिला छात्रों और कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म की छुट्टी देने वाली देशव्यापी नीति बनाने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसी स्थिति में कोई भी उन्हें नौकरी नहीं देगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि विभाग से जुड़े प्राधिकारी इस आवेदन पर विचार कर सकते हैं और सभी संबंधित हितधारकों से परामर्श करने के बाद मासिक धर्म की छुट्टी पर एक नीति बनाने की संभावना की जांच कर सकते हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए और यह जताने के लिए दायर की गई हैं कि मासिक धर्म उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

सम्बंधित ख़बरें