वैशाख पूर्णिमा कल
भोपाल [ महामीडिया] वैशाख पूर्णिमा इस महीने का आखिरी दिन है। पूर्णिमा तिथि स्नान, दान, सत्यनारायण पूजा और चंद्रमा को अर्घ्य के लिए शुभ मानी जाती है। पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल रात 9:12 बजे शुरू होकर 1 मई रात 10:52 बजे तक रहेगी। इसलिए वैशाख पूर्णिमा 1 मई को मनाई जाएगी। वैशाख पूर्णिमा को भगवान विष्णु के कूर्म अवतार की पूजा की जाती है। श्रीमद्भागवत महापुराण के आठवें स्कंध में समुद्र मंथन का वर्णन है। कथा के अनुसार देवता और असुर अमृत पाने के लिए मंदार पर्वत से समुद्र मंथन कर रहे थे। पर्वत को आधार नहीं मिला और वह समुद्र में डूबने लगा। तब भगवान विष्णु ने कूर्म यानी कछुए का रूप धारण किया और मंदार पर्वत को अपनी पीठ पर संभाला। इसके बाद समुद्र मंथन आगे बढ़ा।यह दिन बुद्ध पूर्णिमा और बुद्ध जयंती के रूप में भी प्रसिद्ध है, जो भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और महापरिनिर्वाण का प्रतीक है।