सरकार ने अदालतों से धार्मिक मामलों में हस्तछेप न करने का आग्रह किया
नईदिल्ली [महामीडिया] सरकार ने अदालतों से धार्मिक मामलों में हस्तछेप न करने का आग्रह किया है। सरकार का कहना है कि सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं के प्रवेश पर रोक इसलिए है क्योंकि भगवान अयप्पा को ‘नैष्ठिक ब्रह्मचारी’ माना जाता है, यानी उन्होंने जीवन भर ब्रह्मचर्य का पालन किया। इसका महिलाओं की शुद्धता या उनकी स्थिति से कोई संबंध नहीं है। यदि महिलाओं को प्रवेश दिया जाता है, तो वहां की पारंपरिक पूजा-पद्धति बदल जाएगी। इससे संविधान द्वारा संरक्षित धार्मिक विविधता पर असर पड़ सकता है।