भारत के खाद्य तेल आयात में वृद्धि

भारत के खाद्य तेल आयात में वृद्धि

भोपाल [ महामीडिया] भारत का खाद्य तेल क्षेत्र एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है जहां जलवायु अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजारों की हलचल एक साथ असर डाल रही है। इसके चलते खाद्य तेल आयात अब केवल कीमत आधारित खरीद से हटकर उपलब्धता और आपूर्ति आधारित सोर्सिंग की ओर बढ़ रहा है। भारत का खाद्य तेल आयात लंबे समय से 15 से 17 मिलियन टन के दायरे में बना हुआ है। मार्च 2026 में आयात 11 प्रतिशत बढ़कर 1.19 मिलियन टन रहा जबकि ऊंची कीमतों के कारण दो महीने का औसत 12 प्रतिशत घट गया। वित्त वर्ष 2025-26 के ऑयल ईयर में खाद्य तेल आयात 16.5 मिलियन टन रहने का अनुमान है जबकि घरेलू उत्पादन 9.6 मिलियन टन रहने की संभावना है। भारत के खाद्य तेल आयात में मार्च 2026 में 12% की वृद्धि दर्ज की गई जो मुख्य रूप से कच्चे पाम तेल की उच्च खरीद के कारण है। दिसंबर 2025 में भी आयात 13.62 लाख टन के उच्च स्तर पर रहा। भारत अपनी जरूरतों का लगभग 60% हिस्सा आयात करता है जिससे घरेलू बाजार में कीमतों का दबाव बढ़ रहा है। भारत अपनी खाद्य तेल जरूरतों का लगभग 57% से 60% आयात के माध्यम से पूरा करता है जो मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, रूस और यूक्रेन से आता है। पाम तेल इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी (लगभग 59%) रखता है।

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