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ममता अब नकली तृणमूल का प्रतिनिधित्व करती हैं : भाजपा
नई दिल्ली (महामीडिया): भाजपा ने शुक्रवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सदस्यों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज यह साबित करता है कि ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ की कमान ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के पास नहीं, बल्कि काकोली घोष दस्तीदार के हाथों में है।
यह बयान ऐसी खबरों के बीच आया है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 19-20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को संबोधित एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो बयान में आरोप लगाया कि परिवारवाद की राजनीति और पार्टी के बजाय अपने भतीजे को प्राथमिकता देने की ममता की नीति के कारण टीएमसी में ‘‘अंदरूनी बिखराव’’ हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘अब सबूत सबके सामने है। काकोली घोष की अगुवाई वाली असली टीएमसी के 20 लोकसभा सदस्यों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज दिखाता है कि असली टीएमसी, उस टीएमसी से अलग है, जिसका प्रतिनिधित्व ममता और अभिषेक कर रहे हैं। वे अब नकली टीएमसी हैं।’’
पूनावाला ने दावा किया कि लगभग 65-70 टीएमसी विधायक और कई राज्यसभा सदस्य भी ‘‘असली टीएमसी’’ के साथ हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘चूंकि वह (ममता बनर्जी) पार्टी से ज्यादा अपने भतीजे को अहमियत देती हैं, इसलिए पार्टी उनसे दूर हो गई है। वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देने का नतीजा यही होता है। जिनके पास संख्या बल है, वही असली टीमएसी है। अफसोस की बात है कि ममता के पास अब बहुत कम विकल्प बचे हैं। हो सकता है कि वह अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करना चाहें।’’
अन्य क्षेत्रीय पार्टियों का उदाहरण देते हुए पूनावाला ने आरोप लगाया कि जो नेता परिवारवादी राजनीति को बढ़ावा देते हैं, वे अंततः अपनी पार्टियों पर नियंत्रण खो देते हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यही जिंदगी की सच्चाई है। जो लोग पार्टियों में परिवारवाद को बढ़ावा देते हैं, वे आखिरकार उन पर अपना नियंत्रण खो देते हैं। चाहे वह राकांपा (शरद पवार), टीएमसी, द्रमुक हो या राजद, नतीजा एक ही होता है। अब समय आ गया है कि वे इस बात को समझें।’’