जलवायु परिवर्तन के कारण खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
भोपाल [ महामीडिया] जलवायु परिवर्तन के कारण बेमौसम ओले और भारी बारिश से प्रकृति का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है जिससे पेड़-पौधे भ्रमित हो रहे हैं। समय से पहले नई पत्तियां और फूल आ रहे हैं जबकि फसलें अपनी परिपक्वता से पहले ही पक रही हैं। यह स्थिति कृषि चक्र को बाधित कर रही है और खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। यह प्राकृतिक असंतुलन ग्लोबल वार्मिंग का प्रत्यक्ष परिणाम है जिसके लिए तत्काल पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और जलवायु अनुकूलन उपायों की आवश्यकता है। यह स्थिति केवल फसलों को ही नहीं बल्कि फलों के उत्पादन को भी प्रभावित कर रही है जिससे खाद्य पदार्थों की कमी और कीमतों में वृद्धि हो सकती है। कार्बन डाइऑक्साइड के उच्च स्तर के कारण फसलों में प्रोटीन, विटामिन और खनिजों की मात्रा कम हो रही है जिससे पोषण संबंधी असुरक्षा बढ़ रही है।