ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई से

ज्येष्ठ अधिक मास 17 मई से

भोपाल [ महामीडिया] अभी ज्येष्ठ मास चल रहा है। इस बार ज्येष्ठ में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) रहेगा यानी ज्येष्ठ एक नहीं, बल्कि दो महीनों तक रहेगा। 16 मई तक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष रहेगा, इसके बाद 17 मई से अधिकमास मास शुरू होगा, जो कि 15 जून तक चलेगा। इसके बाद ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा, जो कि 29 जून तक रहेगा। अधिक मास में भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा खासतौर पर की जाती है। इस महीने को विष्णु जी के ही एक नाम पुरुषोत्तम से भी जाना जाता है। इन दिनों में तीर्थ स्नान, मंदिरों में दर्शन-पूजन, सत्संग, मंत्र जप, दान-पुण्य, पूजन आदि शुभ काम किए जाते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर में लीप ईयर होता है और हिन्दी पंचांग में अधिक मास। लीप ईयर में सिर्फ एक दिन बढ़ता है, जबकि अधिक मास से हिन्दी वर्ष में पूरा एक महीना बढ़ जाता है। दरअसल, ये सौर वर्ष और चंद्र वर्ष में अंतर की वजह से होता है। अंग्रेजी कैलेंडर पृथ्वी की सूर्य की परिक्रमा के आधार पर चलता है। एक अंग्रेजी साल में 365 दिन होते है और लीप ईयर में 366 दिन होते हैं। इसकी वजह ये है कि पृथ्वी को सूर्य की पूरी परिक्रमा लगाने में 365 दिन और करीब 6 घंटे का समय लगता है।

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