भगवान विष्णु का प्रिय पुरुषोत्तम मास
भोपाल [ महामीडिया] ज्येष्ठ माह इस वर्ष 59 दिनों का है। इसका कारण तीन वर्ष में एक बार आने वाले भगवान विष्णु का प्रिय अधिकमास के साथ इसका संयोग होना है। इसके चलते ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इसके बीच 17 मई से 15 जून तक का समय ज्येष्ठ अधिकमास कहलाएगा। इससे पहले 2023 में श्रावण अधिकमास आया था। अधिकमास के चलते मई के बाद आने वाले 2026 के तीज-त्योहार भी 15 से 20 दिन आगे खिसक गए हैं। ऐसा संयोग तीन वर्ष के बाद बनता है। यह माह अचानक प्रारंभ नहीं होता बल्कि पंचांग की गणना के अनुसार जुड़ता है। सौर वर्ष में लगभग 365 जबकि चंद्र वर्ष में करीब 354 दिन होते हैं। इस तरह हर साल 11 दिनों का अंतर बन जाता है। यह अंतर धीरे-धीरे बढ़ते हुए करीब 32 महीने 16 दिन में एक महीने के बराबर हो जाता है। तब पंचांग का एक महीना जोड़ा जाता है। इस अतिरिक्त महीने को पुरुषोत्तम मास कहा जाता है।