अधिक मास में भगवान विष्णु पूजन का विधान
भोपाल [ महामीडिया] अभी ज्येष्ठ मास चल रहा है। इस साल हिन्दी पंचांग का अतिरिक्त महीना यानी अधिक मास ज्येष्ठ में रहेगा, इसलिए यह महीना 59 दिनों का है। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। 16 मई तक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष रहेगा, इसके बाद 17 मई से अधिक मास शुरू होगा, जो कि 15 जून तक चलेगा। इसके बाद ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष शुरू हो जाएगा जो कि 29 जून तक रहेगा। अधिक मास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार जैसे मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त नहीं रहते हैं।ज्येष्ठ मास और अधिक मास में भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा खासतौर पर करनी चाहिए। अधिक मास को भगवान विष्णु के एक नाम ‘पुरुषोत्तम’ के कारण पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। ज्येष्ठ मास ग्रीष्म ऋतु का चरम समय होता है, इसी कारण इसे तप, संयम, सेवा और भक्ति का काल भी कहते हैं। शास्त्रों में इस मास में जल दान, व्रत, भगवान विष्णु और इनके अवतारों का विशेष पूजन करने की सलाह दी गई है।मान्यता है कि ज्येष्ठ मास में विष्णु पूजन करने से वैसा ही पुण्य मिलता है, जैसा पुण्य यज्ञ करने से मिलता है। इस समय जल, शीतलता और दान से जुड़े शुभ काम करने चाहिए, क्योंकि यह समय शरीर और मन दोनों की परीक्षा लेता है।