वेदांता के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापामारी
भोपाल [ महामीडिया] वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल पर नई मुसीबत आ गयी है। दरअसल प्रवर्तन निदेशालय [ED] ने अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की है। यह छापेमारी 'विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम' से जुड़े एक मामले में की गयी है । यह तलाशी सोमवार से जारी है और इस छापेमारी के मामले में अभी और डिटेल्स का इंतजार किया जा रहा है। वेदांता के विरुद्ध यह जांच कंपनी द्वारा अपने सिक्योर्ड लेनदारों से एक बड़े डीमर्जर प्लान के लिए मंजूरी मिलने के लगभग एक महीने बाद शुरू हुई है जिसके तहत कंपनी को 5 स्वतंत्र कंपनियों में बांटा जाना है। यह तलाशी अभियान मुख्य रूप से वेदांता लिमिटेड द्वारा अपनी मूल कंपनी को किए गए रॉयल्टी भुगतान से जुड़ा हुआ है।
जब किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा विदेशी मुद्रा लेन-देन में नियमों के उल्लंघन का शक होता है तो फेमा के तहत कार्रवाई की जाती है । इसमें अधिकतर ऐसे मामले शामिल होते हैं जिनमें अवैध रूप से विदेश में पैसा भेजा गया हो विदेश में अवैध रूप से संपत्ति हासिल की गयी हो या विदेशी निवेश से जुड़े नियमों का पालन न किया गया हो।