म.प्र. में मानसून की देरी से किसान परेशान

म.प्र. में मानसून की देरी से किसान परेशान

भोपाल [ महामीडिया] म.प्र. में मानसून की देरी किसानों के लिए दोहरी चिंता लेकर आई है। एक ओर प्रदेश में सामान्य से 39% कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों की बुवाई अटकी हुई है वहीं दूसरी ओर बड़वानी में आंधी-बारिश ने किसानों की खड़ी फसलें तबाह कर दी। एक तरफ खरीफ फसलों (सोयाबीन, मक्का) की बुवाई पिछड़ रही है वहीं दूसरी तरफ जिन खेतों में नमी के अभाव में बोवनी हो चुकी है वहां बीज खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। बीजों के सुरक्षित अंकुरण और खेतों में पर्याप्त नमी के लिए कम से कम 4 इंच (100 मिमी) बारिश होना बेहद जरूरी है। बारिश न होने के कारण किसान खेत तैयार नहीं कर पा रहे हैं। यदि देरी से बोवनी होती है तो फसल का उत्पादन घटने और किसानों की लागत बढ़ने की आशंका है। म.प्र.  में मानसून सामान्य से लगभग 10 दिन देरी से चल रहा है और इसके 25 जून तक प्रदेश में आधिकारिक तौर पर पहुँचने की संभावना है। हालांकि वर्तमान में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं जिससे भोपाल सहित राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो रही है।

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