म.प्र. कैबिनेट ने जिलों में आईटी हब बनाने का निर्णय लिया

म.प्र. कैबिनेट ने जिलों में आईटी हब बनाने का निर्णय लिया

भोपाल [ महा मीडिया] मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आज बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कृषि उद्योग और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को विभिन्न योजनाओं की प्रगति और सरकार की आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी। राज्य के विभिन्न जिलों में आईटी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए छोटे-छोटे आईटी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इन स्थानों पर उद्यमियों को अपनी इकाइयां स्थापित करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। कैबिनेट ने राज्य के हर जिले में छोटे-छोटे (प्लग एंड प्ले) आईटी पार्क और आईटी हब स्थापित करने का निर्णय लिया है। बैठक में मंत्रियों ने प्रदेश में करीब 10 वर्ष बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का अभिनंदन किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में मई 2016 से पदोन्नतियां रुकी हुई थीं, जिन्हें 1 जुलाई 2026 से पुनः प्रारंभ कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिवर्ष समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदे जाने वाले गेहूं, धान, बाजरा और ज्वार में से जिस उपज को केंद्र सरकार केंद्रीय पूल में शामिल नहीं करेगी उसकी राज्य सरकार नीलामी करेगी। इससे परिवहन, भंडारण और रखरखाव पर होने वाले अतिरिक्त खर्च में कमी आएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब विभाग एक वर्ष तक अपने स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती करेगा। नियुक्त विशेषज्ञों को कम से कम तीन वर्ष तक संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं देना अनिवार्य होगा। इसके बाद उनका स्थानांतरण सामान्य चिकित्सकों की तरह किया जा सकेगा।

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