चारधाम यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत

चारधाम यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत

उत्तरकाशी (महामीडिया):  उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के पहले दिन दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मध्य प्रदेश से अपने पति के साथ उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकली महिला की घोड़े से गिरने के कारण मौत हो गई है। वहीं, पैदल मार्ग पर चढ़ाई के दौरान महाराष्ट्र से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ गई।

बताया जा रहा है कि बुजुर्ग श्रद्धालु को चढ़ाई के दौरान सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत जानकीचट्टी स्थित अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरदेव सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मौत का कारण सांस संबंधी बीमारी और ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी माना जा रहा है।

वहीं, दूसरी घटना में महिला के सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' घोषित कर दिया।

पुलिस अधिकारी एसआई राजेश कुमार ने बताया कि पहले मृतक के साथ आए अन्य यात्री दर्शन के लिए आगे बढ़ गए हैं। मृतक की पहचान नासिक, महाराष्ट्र निवासी 67 वर्षीय उदम ताम्बे के तौर पर हुई है। डी.जी.पी. नगर निवासी गजानन्द ताम्बे के पुत्र उदम ताम्बे की तबीयत जानकीचट्टी के पास अचानक बिगड़ी, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण हाई ब्लड प्रेशर (BP) संबंधी समस्या बताया जा रहा है, जिसकी आधिकारिक सूचना पीएचसी (प्राइमरी हेल्थ सेंटर) जानकीचट्टी द्वारा पुलिस चौकी को दे दी गई है।

यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हादसे का शिकार हुई महिला की पहचान 40 वर्षीय प्रतिमा मिश्रा के रूप में हुई है, जो इंदौर, मध्य प्रदेश की रहने वाली थीं। वे इंदौर के सुखलिया क्षेत्र स्थित काशीपुरी कॉलोनी की निवासी थीं और अपने पति धर्मेन्द्र मिश्रा के साथ चारधाम यात्रा पर आई थीं।

यात्रा के दौरान '19 कैंची' के पास घोड़े से गिरकर उनके सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत) घोषित कर दिया।

आज 20 अप्रैल 2026 को पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद मृतका का शव उनके पति को सुपुर्द कर दिया गया है।

रविवार से चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री और 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए थे। 

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