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प.बंगाल: सुवेंदु सरकार के पहले बजट में कई बड़े एलान
कोलकाता (महामीडिया): पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता सोमवार दोपहर 12 बजे विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार राज्य में अपना पहला बजट पेश करेंगे। इस बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि इसमें नयी सरकार के भविष्य का रोडमैप तैयार होगा।
इस बजट से नयी 'डबल-इंजन' सरकार के विकास का खाका सामने आने और यह संकेत मिलने की उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में राज्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी सरकार के पहले बजट को "काफी महत्वपूर्ण और ध्यान देने योग्य" करार देते हुए कहा था कि इसमें राज्य के हर क्षेत्र के विकास के लिए विशेष योजनाएं शामिल होंगी।
वित्त मंत्री दासगुप्ता के सामने एक बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि उनके अनुसार, पिछली सरकार के गैर-जिम्मेदाराना खर्चों और कम राजस्व संग्रह के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था के कई पैमाने लड़खड़ायी हुइयी है।
पिछले प्रशासन की आलोचना करते हुए श्री दासगुप्ता ने पहले टिप्पणी की थी कि सरकार 'ट्रेडमिल पर खड़े होकर' बजट तैयार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि बजट बनाने की प्रक्रिया बड़ी जिम्मेदारी है।
नयी सरकार लगातार यह कहती रही है कि उसे भारी वित्तीय दबाव विरासत में मिला है और पिछला प्रशासन राज्य पर 7.8 लाख करोड़ रुपये का ऋण छोड़ गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य को कर्ज चुकाने के लिए 82,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़ा था, जिसमें अकेले ब्याज के रूप में दिया गया 49,000 करोड़ रुपया शामिल है।
पिछले बजट में राज्य का प्रस्तावित खुद का राजस्व 1,12,543 करोड़ रुपये था, जिसका लगभग 75 फीसदी हिस्सा कथित तौर पर कर्ज चुकाने में ही खर्च हो गया था। केंद्रीय करों और अनुदानों में राज्य की हिस्सेदारी को मिलाकर कुल अनुमानित आय 2.6 लाख करोड़ रुपये थी। ऐसी उम्मीदें काफी ज्यादा हैं कि नया बजट उच्च राजस्व वृद्धि का अनुमान लगायेगा, क्योंकि राज्य की आय बढ़ाना वित्त मंत्री की घोषित प्राथमिकताओं में से एक है।
बजट से पहले श्री दासगुप्ता ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी के साथ बैठकें की थीं।
उम्मीद है कि इन चर्चाओं का असर सरकार की वित्तीय योजना और आर्थिक रणनीति पर दिखेगा।
श्री दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल के लिए एक 'मार्शल प्लान' की आवश्यकता के बारे में भी बात की है, जिसका तात्पर्य दूसरे विश्व युद्ध के बाद यूरोप की तरह बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण और आर्थिक पुनर्गठन के प्रयासों से है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि सरकार का मुख्य ध्यान बड़े पैमाने पर केंद्रीय निवेश के सहयोग से बुनियादी ढांचे के विकास पर हो सकता है।
बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते को लेकर भी घोषणाएं होने की उम्मीद है।
उद्योग और व्यापारिक समूहों को एक नयी भूमि नीति, औद्योगिक निवेश के लिए प्रोत्साहन और स्टांप व पंजीकरण शुल्क में राहत जैसे उपायों की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार के सामने कर्ज का बोझ बढ़ाये बिना कल्याणकारी खर्चों और आर्थिक पुनर्निर्माण के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।
भाजपा सरकार पहले ही लक्ष्मी भंडार के तहत मिलने वाले लाभों को दोगुना कर चुकी है और अन्नपूर्णा योजना शुरू कर चुकी है, जबकि उसने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछली सरकारों की शुरू की गयी सामाजिक कल्याण योजनाएं जारी रहेंगी। श्री दासगुप्ता ने साफ किया है कि यह बजट चालू वित्तीय वर्ष के केवल बचे आठ महीनों के लिए ही है और शायद इसमें सरकार का दीर्घकालिक खाका पूरी तरह सामने न आये।
उम्मीद है कि आज का यह बजट बंगाल की नयी सरकार की प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा का पहला स्पष्ट संकेत देगा।