टैबलेट की बिक्री में पांच प्रतिशत की वृद्धि
भोपाल [ महा मीडिया] टैबलेट का बाजार दौड़ रहा है और 45 लाख यूनिट तक पहुंच चुका है। बिक्री के मामले में यह स्मार्टफोन से भी तेज भाग रहा है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्यात में दमदार मुकाम हासिल कर रहा है। टैबलेट में अब 12 इंच की स्क्रीन आम होती जा रही है जिससे ये लैपटॉप और मोबाइल फोन के बीच की जगह भर रहे हैं। लेनोवो और सैमसंग जैसी जमी-जमाई कंपनियों को ऐपल और श्याओमी से टक्कर मिल रही है जिन्होंने हाल ही में 12 इंच से बड़ी स्क्रीन वाले मॉडल पेश किए हैं। देश के भीतर विनिर्माण बढ़ने के साथ ही यह तकनीकी दिग्गज भारत का इस्तेमाल देसी बाजार के साथ निर्यात बाजार की बढ़ती मांग पूरी करने के लिए भी कर रहे हैं। मेमरी चिप की कीमतें बढ़ने के बावजूद 2026 की पहली तिमाही में जनवरी-मार्च 2025 के मुकाबले 5 प्रतिशत ज्यादा टैबलेट बिकीं। मगर इसी दौरान स्मार्टफोन निर्यात में साल भर पहले के मुकाबले 3 प्रतिशत गिरावट आई। ग्राहकों की बदलती पसंद इससे साफ हो जाती है कि 2026 की पहली तिमाही में 13 इंच और उससे बड़े टैबलेट का निर्यात सबको हैरत में डालते हुए 338 प्रतिशत बढ़ गया। कभी लोकप्रिय रहे 11 से 11.9 इंच के छोटे टैबलेट का निर्यात 29 प्रतिशत उछला। मगर 9.9 इंच से छोटे टैबलेट का निर्यात 52 प्रतिशत और 10 से 10.9 इंच के टैबलेट का निर्यात पूरे 76 प्रतिशत लुढ़क गया है।