म.प्र. के मंदिरों की दान प्रबंधन प्रणाली में बदलाव होगा

म.प्र. के मंदिरों की दान प्रबंधन प्रणाली में बदलाव होगा

भोपाल [ महामीडिया] म.प्र. सरकार राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। हाल के दिनों में देश के कुछ प्रमुख मंदिरों में दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे विवादों के बाद शासन स्तर पर यह महसूस किया गया कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को मजबूत बनाए रखने के लिए वित्तीय व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर सहित अन्य प्रमुख देवस्थानों में दान प्रबंधन की नई प्रणाली लागू करने की तैयारी प्रारंभ कर दी है। सरकार का मानना है कि मंदिरों में आने वाला प्रत्येक दान केवल आर्थिक संसाधन नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक होता है। इसलिए उसके संग्रहण, संरक्षण और उपयोग की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और उत्तरदायी होनी चाहिए। धार्मिक न्यास विभाग के अनुसार नई व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को यह भरोसा बना रहे कि उनके द्वारा अर्पित की गई राशि का उपयोग नियमानुसार और जनहितकारी उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। यही कारण है कि प्रस्तावित सुधारों में जवाबदेही और पारदर्शिता को केंद्रीय स्थान दिया गया है।

 

सम्बंधित ख़बरें