अल नीनो की चेतावनी
मुंबई [महामीडिया]
विश्व मौसम विज्ञान संगठन ने चेतावनी दी है कि अल नीनो की स्थिति मई से जुलाई के बीच विकसित हो सकती है, जिससे भारत समेत दक्षिण एशिया में मौसम पर बड़ा असर पड़ेगा। पहले अनुमान था कि यह स्थिति मानसून के दूसरे हिस्से (अगस्त-सितंबर) में बनेगी लेकिन अब इसके जल्दी आने की संभावना जताई गई है। अल नीनो एक ऐसी जलवायु स्थिति है जो हर 2 से 7 साल में आती है और करीब 9 से 12 महीने तक रहती है। इसके कारण दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तापमान और बारिश के पैटर्न बदल जाते हैं और आमतौर पर वैश्विक तापमान बढ़ता है। अल नीनो के उभरने और विकसित होने की 61% संभावना है। यह परिघटना भारत सहित विश्व भर में भीषण गर्मी, कमजोर मानसून और सूखे का कारण बन सकती है।