भारत की आकांक्षाएं अब ‘सीमाओं तक सीमित नहीं हैं’: मोदी

भारत की आकांक्षाएं अब ‘सीमाओं तक सीमित नहीं हैं’: मोदी

नई दिल्ली (महामीडिया):  भारत को ''अवसरों की भूमि'' बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि देश अभूतपूर्व परिवर्तन से गुजर रहा है और इसकी आकांक्षाएं ''अब इसकी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं।'' नीदरलैंड के हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत बड़े सपने देख रहा है और उसके युवा आसमान छूने की आकांक्षा रखते हैं। 

मोदी ने अपने 40 मिनट से अधिक के भाषण में श्रोताओं की तालियों के बीच कहा, ''आज भारत कह रहा है कि हमें केवल परिवर्तन ही नहीं चाहिए, हमें सर्वश्रेष्ठ चाहिए, हमें सबसे तेज गति चाहिए। इसीलिए जब भारत में असीमित आकांक्षाएं हैं, तो प्रयास भी असीमित होते जा रहे हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''आज का भारत अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। 

आपने हाल ही में देखा होगा कि भारत ने विश्व के सबसे बड़े और सबसे सफल एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। इससे पहले, भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन की भी सफलतापूर्वक मेजबानी की थी। यह कोई एक बार की घटना नहीं थी, अब यह आज के भारत का स्वरूप बन गया है।''

मोदी ने भारत के स्टार्टअप परिवेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप नेटवर्क है। उन्होंने कहा, ''आज भारत की आकांक्षाएं अब इसकी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। भारत ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है, वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना चाहता है, हरित ऊर्जा में अग्रणी बनना चाहता है और विश्व का विकास इंजन बनना चाहता है।'' यह याद दिलाते हुए कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर या उससे अधिक मूल्यांकन वाले स्टार्टअप) कंपनियां थीं, मोदी ने कहा कि अब भारत में लगभग 125 सक्रिय यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। 

उन्होंने कहा, ''आज हमारे स्टार्टअप एआई, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। अनुसंधान और नवाचार की यह संस्कृति और भी व्यापक होती जा रही है।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''पीढ़ियां बदल गईं, देश बदल गए, वातावरण बदल गया... लेकिन पारिवारिक मूल्य नहीं बदले हैं।'' कोविड महामारी और वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दशक दुनिया के लिए चुनौतियों का दशक बनता जा रहा है।

उन्होंने चेताया, ''अगर इन परिस्थितियों में तेजी से बदलाव नहीं आया तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां व्यर्थ हो जाएंगी।'' व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के उद्देश्य से मोदी शुक्रवार को अपने पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंचे।

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