दुर्ग जिले के 25 गांवों में भूमि खरीदी-बिक्री प्रतिबंधित

दुर्ग जिले के 25 गांवों में भूमि खरीदी-बिक्री प्रतिबंधित

भोपाल [ महामीडिया] छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डानकुनी-सूरत रेल परिवहन मार्ग) के निर्माण कार्य को सुचारू और निर्बाध गति से आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर कार्यालय द्वारा पूर्व में जारी भूमि लेनदेन प्रतिबंध संबंधी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए नई सूची जारी की गई है। संशोधित शासकीय आदेश के अंतर्गत दुर्ग जिले के तीन प्रमुख तहसीलों- दुर्ग, पाटन और भिलाई-3 के कुल 25 संवेदनशील गांवों को इस विशेष प्रतिबंधात्मक दायरे में शामिल किया गया है। यदि भौगोलिक दृष्टि से देखें तो दुर्ग तहसील के अंतर्गत आने वाले बिरेझर, चंगोरी, कोनारी, चंदखुरी, हनोदा, खम्हरिया, उमरपोटी, उतई एवं डुमरडीह जैसे कृषि बाहुल्य ग्राम इस सूची का हिस्सा हैं। इसी क्रम में पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाले परेवाडीह, पहडोर, औंधी, मगरघटा, बेन्द्री, नारधी, महकाकला, महकाखुर्द, कुरुदडीह एवं बटंग शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही, भिलाई-3 तहसील क्षेत्र के सिरसाकला, परसदा (पाहंदा), सोमनी, गनियारी, देवबलोदा एवं उरला गांवों को भी इस नई और संशोधित सूची में प्रमुखता से जगह दी गई है।

 

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