भगवान विष्णु का मोहिनी अवतार
भोपाल [ महामीडिया] समुद्र मंथन के समय जब अमृत प्राप्त हुआ तो देवताओं और असुरों के बीच उसे पीने के लिए युद्ध होने लगा। बल के आधार पर देवता असुरों से जीत नहीं पा रहे थे।ऐसे में भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया और असुरों को अपने मोह में बांध लिया। मोहिनी अवतार ने अमृत देवताओं को पिलाया जिससे देवताओं को अमरत्व प्राप्त हुआ। यह घटना वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि पर घटित हुई थी इसलिए इसे मोहिनी एकादशी कहा जाता है। भगवान विष्णु का मोहिनी अवतार उनका एकमात्र स्त्री रूप है जो समुद्र मंथन के समय राक्षसों से अमृत बचाकर देवताओं को पिलाने और भस्मासुर का वध करने के लिए प्रकट हुआ था। यह अवतार अत्यंत आकर्षक और मोहक था जिसने असुरों को मोहित कर धर्म की रक्षा की थी।