भारत ने चार चीनी कंपनियों को बिजली परियोजनाओं में शामिल होने की अनुमति दी
भोपाल [ महामीडिया] भारत में प्रोडक्शन यूनिट रखने वाली चार चीनी कंपनियों को अहम बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाओं में बोली लगाने की अनुमति दी है। लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। इन कंपनियों को भारत में ही उत्पादन करना होगा और उनके उत्पादों में कम से कम 50 से 60 फीसदी घरेलू सामग्री का इस्तेमाल करना होगा। चीन से सीधे तैयार सामान या केवल पार्ट्स मंगाकर सप्लाई करने की अनुमति नहीं होगी।सरकार का मकसद ट्रांसफॉर्मर और दूसरे जरूरी उपकरणों की कमी को दूर करना है, क्योंकि इसी वजह से कई बिजली परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। मंजूरी पाने वाली चार कंपनियों में से सिर्फ टीबीईए के पास भारत में ठीक-ठाक उत्पादन क्षमता है। चार कंपनियों टीबीईए एनर्जी, नानजिंग इलेक्ट्रिक इंडिया, न्यू नॉर्थईस्ट इलेक्ट्रिक इंडिया और ताइकाई इलेक्ट्रिक को पब्लिक प्रोक्योरमेंट नियमों के नियमों से छूट दी गई है। यह छूट केवल उन्हीं कंपनियों को दी गई है जिनके संयंत्र भारत में स्थापित हैं और यह दो साल के लिए वैध होगी।