निजता के मौलिक अधिकार पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने मुहर लगाई

निजता के मौलिक अधिकार पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने मुहर लगाई

भोपाल [ महामीडिया] तेलंगाना हाईकोर्ट ने कहा कि पति या पत्नी की टेलीफोन पर हुई बातचीत को उनकी अनुमति के बिना गुप्त रूप से रिकॉर्ड करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। ऐसे कॉल रिकॉर्डिंग को वैवाहिक विवाद या तलाक के मुकदमे में साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस नामावरापु राजेश्वर राव ने दो दीवानी पुनरीक्षण याचिकाएं खारिज करते हुए यह निर्णय सुनाया है। हाईकोर्ट ने दलीलों को अस्वीकार करते हुए कहा कि गुप्त रूप से की गई कॉल रिकॉर्डिंग स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए दोनों पुनरीक्षण याचिकाएं खारिज कर दी । भारत में निजता का अधिकार एक सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मान्यता प्राप्त मौलिक अधिकार है। यह अधिकार भारतीय संविधान में दिए गए अनुच्छेदों के तहत सुरक्षित है।

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