महर्षि संस्थान में हजारों लोग करेंगे सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ
भोपाल [महा मीडिया] हनुमान जयंती का पर्व महर्षि महेश योगी संस्थान में आगामी 2 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर पूरे देश के महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों सहित महर्षि संस्थानों में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा जिसमें एक लाख से अधिक लोग सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसमें 156 महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाओं और बच्चों सहित संपूर्ण महर्षि संस्थानों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ एक साथ एक समय पर करेंगे। इसके लिए महर्षि संस्थान 2 अप्रैल को होने वाले हनुमान जयंती के भव्य समारोह की तैयारी कर रहा है जो की आगामी गुरुवार को है। मुख्य कार्यक्रम महर्षि मंगलम भवन भोपाल में सुबह 10:00 बजे से प्रारंभ होगा जिसका नेतृत्व महर्षि विद्या मंदिर मध्य विद्यालय समूह के अध्यक्ष प्रतिष्ठित वेद विद्या मार्तंड ब्रह्मचारी गिरीश जी करेंगे। इस आध्यात्मिक अवसर पर श्रद्धापूर्वक श्री हनुमान चालीसा का एक साथ 11 बार गान होगा। इस सामूहिक गान से भक्ति और आध्यात्मिक उत्थान का शक्तिशाली वातावरण निर्मित होगा। हनुमान जयंती भगवान हनुमान का जन्म दिवस है जो अपनी शक्ति साहस और भगवान राम के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। यह पर्व हिंदू महीने क्षेत्र की पूर्णिमा के दिन पड़ता है। यह पर्व संपूर्ण भारत में विशेष कर जहां-जहां हिंदू रहते हैं बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हनुमान जयंती का पर्व एक प्रतीक है जो धर्म तथा संस्कृति को मानवता से जोड़ता है। इस दिन लोग अपने जीवन में भगवान हनुमान के अच्छे गुणों को अपनाने का प्रयास करते हैं और हनुमान जी के जीवन से प्रेरणा लेते हैं। भगवान हनुमान ने अपने जीवन में ऐसे अनेक गुण प्रदर्शित किए हैं जो धार्मिक विश्वासों और आस्था के साथ-साथ मानवीय मूल्यों के संवर्धन को भी बढ़ावा देते हैं। भगवान हनुमान की भक्ति, न्याय प्रियता और समर्पण एक अनोखा उदाहरण है जिन गुणों के कारण हनुमान जी का महत्व और भी बढ़ जाता है। हनुमान जी को शक्ति बुद्धिमत्ता और वीरता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। भगवान हनुमान केवल भगवान राम के निष्ठावान सेवक नहीं थे बल्कि उनकी भक्ति और समर्पण का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है जो कि हमें यह सिखाता है कि किसी भी कठिनाई के सामने खड़े रहने के लिए शक्ति की आवश्यकता होती है लेकिन वास्तविक शक्ति को उसे व्यक्ति में होती है जो अपनी और भक्ति और विश्वास के साथ-साथ उन कठिनाइयों का सामना करता है इसीलिए इसी विचार को आगे बढ़ते हुए श्री हनुमान जयंती पर्व को धूमधाम पूर्वक मनाने का निर्णय लिया गया है। जिस तरह वैश्विक संत महर्षि महेश योगी जी ने अपने पूरे जीवन में अपने किसी भी उबलब्धियों का श्रेय स्वयं ना लेकर अपने गुरुओं को दिया है ठीक उसी तरह भगवान हनुमान ने एक निष्ठावान सेवक की तरह समस्त श्रेय भगवान राम को दिया है इसीलिए महर्षि महेश योगी संस्थान में श्री हनुमान जयंती और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ का महत्व अपने आप बढ़ जाता है। हनुमान चालीसा भगवान हनुमान को समर्पित एक प्रतिष्ठित भक्ति, स्रोत है जो शक्ति साहस और भक्ति का प्रतीक है। संत तुलसी दास द्वारा रचित यह चालीसा हिंदू धर्म में अत्यंत पूजनीय है। और संपूर्ण विश्व भर में श्रद्धालुओं द्वारा जिसका निरंतर और नित्य पाठ किया जाता है। हनुमान चालीसा सिर्फ एक स्तुति दान नहीं है बल्कि शक्ति, भक्ति और साहस का दिव्य मंत्र है।गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित यह चालीसा हर युग हर परिस्थिति में अपना सकारात्मक प्रभाव डालता रहा है।सिर्फ इतना ही नहीं कहा जाता है कि हनुमान चालीसा का पाठ करते ही वातावरण की समस्त नकारात्मक ऊर्जाएं दूर हो जाती है और संपूर्ण वातावरण सकारात्मक निर्मित हो जाता है जिसके कारण मानवी मन में एक दिव्य शांति महसूस होती है। हनुमान चालीसा 40 छंदों से निर्मित है जिसमें चालीसा का अर्थ 40 से है जो कि भगवान हनुमान की महिमा, पराक्रम और उनके महान कार्यों का वर्णन करती है। यह चालीसा स्पष्ट रूप से बताती है कि हनुमान जी ने प्रभु श्री राम की सेवा में कैसे अतुलनी वीरता ज्ञान और भक्ति का परिचय दिया था यही कारण है कि महर्षि महेश योगी संस्थान में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ श्री हनुमान जयंती पर्व के अवसर पर किया जा रहा है।