अमेरिका और यूरोपीय संघ को भारत की व्यापार नीतियां पसंद नहीं
भोपाल [ महा मीडिया] भारत के दो सबसे बड़े व्यापार साझेदार अमेरिका और यूरोपीय संघ ने कई नियामकीय एवं गैर-शुल्क बाधाओं की ओर इंगित करते हुए चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह बाधाएं भारत की अर्थव्यवस्था को खोलने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ जुड़ने के प्रयासों से होने वाले लाभों को कम कर रही हैं। यूरोपीय संघ ने सीमा शुल्क की अनिश्चित प्रक्रियाओं, बोझिल एसपीएस जरूरतों, बौद्धिक संपदा अधिकारों एवं भौगोलिक संकेतों की सुरक्षा में कमियों और सरकारी खरीद तक पहुंच को सीमित किए जाने जैसे मुद्दों पर चिंता जताई है जबकि अमेरिका ने गैर-जरूरी टीबीटी उपायों को हटाने, सेवाओं एवं डिजिटल व्यापार में बाधाएं खड़ी करने से बचने और विदेशी निर्यातकों के साथ भेदभाव करने वाले नियमों को वापस लेने की बात कही है ।