भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा 'अस्वस्थ'
भोपाल [ महामीडिया]
स्नान पूर्णिमा पर 108 कलशों के जल से स्नान करने के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अस्वस्थ हो गए हैं। इसके बाद अब वह 15 दिनों तक एकांतवास में रहेंगे जिसे 'अनवसर' काल कहा जाता है। इस दौरान राजवैद्य या सेवकों द्वारा भगवान को जड़ी-बूटियों से बने काढ़े, फलों का रस और आयुर्वेदिक औषधियां अर्पित की जाती हैं। उनका आहार पूरी तरह से हल्का और पाचक रखा जायेगा । भक्तों के लिए मुख्य मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे। इस दौरान भक्त भगवान के सीधे दर्शन नहीं कर पाएंगे। इस अवधि के ठीक बाद भगवान पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर 'नवयौवन दर्शन' देंगे और इसके बाद प्रसिद्ध रथ यात्रा का भव्य आयोजन होगा ।