शरद पूर्णिमा पर्व

शरद पूर्णिमा पर्व

मैहर [ महा मीडिया] आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते है। इस बार तिथि की घट-बढ़ के कारण शरद पूर्णिमा 25 और 26 अक्टूबर, दो दिन पड़ रही है। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को सुबह करीब 11:55 बजे शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह करीब 9:41 बजे तक रहेगी। ऐसे में चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने की परंपरा 25 अक्टूबर की रात निभाई जाएगी, जबकि 26 अक्टूबर की सुबह स्नान, पूजा और दान जैसे धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। तिथि दो दिन होने के कारण इस पर्व की तारीख को लेकर पंचांगों में भेद भी हैं। शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा करने, चंद्र की चांदनी में खीर रखने की परंपरा से है। माना जाता है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों संग इसी तिथि पर महारास रचाया था। इस रात श्रद्धालु पूजन, मंत्र जप, भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण करते हैं।

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