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मप्र: कैबिनेट बैठक में तबादला नीति-2026 को मंजूरी दी
भोपाल (महामीडिया): आज मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता मे आज मंत्रालय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गायन के साथ कैबिनेट बैठक प्रारंभ हुई। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री दिलीप जैसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने सहभागिता की।
मध्यप्रदेश सरकार ने लंबे समय से लंबित तबादलों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में तबादला नीति-2026 को मंजूरी दे दी गई। नई नीति के तहत राज्य और जिला स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादले 1 जून से 15 जून के बीच किए जा सकेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा तैयार ड्राफ्ट को मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा गया था। मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल की सहमति के बाद नीति को अंतिम रूप दिया गया। सरकार का कहना है कि इस बार तबादला प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप द्वारा कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोई विभाग अपनी ट्रांसफ़र नीति बनाना चाहता है तो वो सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री की अनुशंसा से अपनी नीति बना सकेंगे। मुख्यमंत्री ने ए प्लस श्रेणी के मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि संवेदनशील और विशेष परिस्थितियों वाले प्रकरण लंबित न रहें।। विभागों को इकतीस मई तक सारी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट ने 30 हजार करोड़ रुपये के निरंतरता वाले कार्यों को भी स्वीकृति दी है। पीएम आवास, वृद्धजन और निशक्तजन योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अति गंभीर बीमारी के मामलों को तबादला नीति में शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं पति-पत्नी की स्वयं की बीमारी के आधार पर ट्रांसफर को नीति से बाहर रखा गया है। सरकार ने ए+ श्रेणी से जुड़े प्रस्तावों पर भी आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रक्रिया पर ज़ोर
नई नीति में पति-पत्नी की पदस्थापना एक ही स्थान पर रखने के मामलों पर विशेष विचार करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को भी स्थानांतरण प्रक्रिया में रियायत दी जाएगी। ये फैसला लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए राहत लेकर आया है। इस नई ट्रांसफर नीति में पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर रहेगा। यह निर्णय मध्यप्रदेश सरकार की प्रशासनिक सुधार और कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार नई नीति से कार्यक्षमता बढ़ेगी और पारिवारिक समस्याओं का समाधान होगा।
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी जानकारी दी कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक अगले वर्ष उज्जैन में आयोजित की जाएगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस बैठक के बाद आगामी सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा भी लेंगे। हाल ही में बस्तर में हुई 26वीं बैठक में अमित शाह ने उज्जैन के लिए सहमति जताई थी।