छत्तीसगढ़ के वत्सल्य डेवलपर्स सेजबहार पर 33 लाख का जुर्माना
भोपाल [ महा मीडिया] प्लॉट खरीदने के बाद कब्जा नहीं मिला और बुकिंग भी बिना सूचना रद कर दी गई तो खरीदार को अब जमा रकम के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने ऐसे ही एक मामले में वत्सल्य डेवलपर्स सेजबहार को खरीदार की 15 लाख 9 हजार 300 रुपये की जमा राशि के साथ 18 लाख 60 हजार 956 रुपये ब्याज लौटाने का आदेश दिया है। कुल 33 लाख 70 हजार 256 रुपये का भुगतान करना होगा।प्राधिकरण ने परियोजना का रेरा पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए हैं। दोनों मामलों में प्राधिकरण की कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों से जुड़ा है, जो अपनी जीवनभर की बचत लगाकर प्लॉट खरीदते हैं। आदेशों से यह संदेश भी गया है कि रकम लेने के बाद खरीदार को कब्जा न देना या नियमों से बाहर जाकर प्लॉट बेचना प्रमोटर के लिए भारी पड़ सकता है। इसके पहले महागणपति डेवलपर्स की प्लाटेड ले-आउट परियोजना में बिना रेरा पंजीयन भूखंडों का विक्रय किया जा रहा था। सीजी रेरा ने मामले का स्वप्रेरणा से संज्ञान लेकर प्रकरण दर्ज किया। सुनवाई और दस्तावेजों की जांच में परियोजना को रेरा पंजीयन के बिना संचालित करना अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद डेवलपर पर आठ लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया था।