प्याज संकट गहराने का अंदेशा
भोपाल [ महा मीडिया]
देश में प्याज के बढ़ते दाम और सरकारी बफर स्टॉक का लगभग 30% हिस्सा सड़ने के कारण आने वाले दिनों में प्याज का संकट और गहराने का अंदेशा जताया जा रहा है। [इस साल 1.2 लाख टन गर्मी के मौसम वाले प्याज में से लगभग 30% प्याज सड़ने और अंकुरित होने के कारण पहले ही खराब हो चुकी है। इस बीच केंद्र ने बफर स्टॉक से 500 टन प्याज दिल्ली बुलवा लिया है । ऐसे में प्याज को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालात बिगड़ने की मुख्य वजह कटाई के मौसम में बेमौसम बारिश थी जिससे प्याज की गुणवत्ता खराब हुई है और उसकी रखे रहने की क्षमता कम हो गई और लंबे समय तक स्टोर करना मुश्किल हो गया। आम तौर पर हर साल लगभग 20% प्याज खराब हो जाती है लेकिन इस साल यह आंकड़ा 40% तक पहुंच गया है जिसके कारण प्याज का संकट खड़ा हो सकता है। केंद्र ने गर्मियों की प्याज की खरीद का लक्ष्य 2 लाख टन रखा था लेकिन सिर्फ 1.20 लाख टन ही खरीदी हो पायी जो लक्ष्य से बहुत कम है। इस साल का 90% से ज्यादा बफर स्टॉक अकेले नासिक इलाके से आया है जहां से आम तौर पर कुल खरीद का 80% से ज्यादा हिस्सा आता था।