प्रकृति प्रेम का सामजिक एवं सांस्कृतिक पर्व हरियाली तीज

प्रकृति प्रेम का सामजिक एवं सांस्कृतिक पर्व हरियाली तीज

भोपाल [ महा मीडिया] हरियाली तीज सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला महिलाओं का एक प्रमुख त्योहार है। वर्ष 2026 में यह पवित्र पर्व 15 अगस्त (शनिवार) को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागन स्त्रियां पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं तथा भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा करती हैं। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक माना जाता है। सावन की हरियाली के बीच यह उत्सव प्रकृति के प्रेम और उल्लास को दर्शाता है। वर्षा ऋतु में चारों तरफ फैली हरियाली और धरती की सुंदरता इस पर्व का मुख्य आकर्षण होती है। हरियाली तीज केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह स्त्रियों के आपसी मेल-मिलाप, सामूहिकता और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का एक सशक्त माध्यम भी है। इस दिन घर की सभी महिलाएं दादी, मां, बहन, बेटी और सहेलियां एक साथ इकट्ठा होकर उत्सव मनाती हैं। यह पर्व पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही परंपराओं को आगे बढ़ाने का भी अवसर बनता है, जहां बड़ी-बूढ़ी महिलाएं छोटी लड़कियों को व्रत की कथा, गीत और रीति-रिवाज सिखाती हैं।

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