पाकिस्तान में हिंदुओं का मानवाधिकर उत्पीडन

पाकिस्तान में हिंदुओं का मानवाधिकर उत्पीडन

मुंबई [महामीडिया] 

पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी अब सिर्फ 1.7% रह गई है। 1941 में आज के पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी 14.6% थी। रिपोर्ट में हिंदुओं की आबादी घटने की वजह हिंसा और धर्म परिवर्तन बताया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि बंटवारे के समय और उसके बाद हजारों हिंदू परिवारों को अपना घर छोड़ना पड़ा। कई परिवारों की पुश्तैनी जमीन और खेत भी छिन गए।रिपोर्ट में धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले भी उठाए गए हैं। 1947 के बंटवारे के दौरान और उसके बाद हुई हिंसा के कारण हजारों हिंदू परिवार विस्थापित हुए। कई परिवारों ने अपनी पुश्तैनी जमीन और खेत खो दिए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान में हर साल करीब 1,000 या इससे ज्यादा हिंदू और ईसाई महिलाओं व लड़कियों का अपहरण होता है। आरोप है कि बाद में उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर अपहरण करने वालों से शादी करा दी जाती है। इनमें कई नाबालिग गरीब परिवारों से होती हैं। उन्हें न्याय पाने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

सम्बंधित ख़बरें