पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट पर म.प्र.हाईकोर्ट का निर्णय
भोपाल [ महामीडिया] म.प्र.हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि सिर्फ़ नौकरी से निकाल देने भर से ग्रेच्युटी अपने-आप ज़ब्त नहीं हो जाती जब तक कि एक्ट के तहत तय कानूनी शर्तें पूरी न हो जाएं। कोर्ट ने सेंट्रल एमपी ग्रामीण बैंक की तरफ़ से दायर अपील भी खारिज की है। इस अपील में बैंक ने सिंगल जज के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें बैंक को निर्देश दिया गया कि वह एक मृत कर्मचारी की विधवा को ग्रेच्युटी का भुगतान करे। जस्टिस विवेक और जस्टिस प्रदीप की डिवीज़न बेंच ने यह निर्णय दिया है । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि ग्रेच्युटी का भुगतान नियोक्ता की वैधानिक जिम्मेदारी है जो कर्मचारी द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने पर निर्भर नहीं करती है।