नई राष्ट्रीय यूरिया नीति
भोपाल [ महा मीडिया] केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करीब 14 साल के अंतराल के बाद नई राष्ट्रीय यूरिया नीति को आज मंजूरी दी है । इसके तहत गैस से चलने वाले आठ से नौ गैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इन नए व पुराने संयंत्रों की उत्पादन क्षमता में सुधार करने से देश में अगले कुछ वर्षों में 1 करोड़ टन उत्पादन क्षमता जुड़ेगी। इससे देश यूरिया उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करेगा। संयंत्र निजी, सरकारी और सहकारी क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे। नया निवेश प्रारूप 2012 की नई निवेश नीति में संशोधन के साथ विस्तार है। इन आठ-नौ यूरिया संयंत्रों में हरेक की उत्पादन सालाना क्षमता 12.7 लाख टन के करीब होगी। हर 10 लाख टन की घरेलू क्षमता से विदेशी मुद्रा में करीब 30-50 करोड़ डालर की सालाना बचत हो सकती है। इससे यूरिया के आयात के लिए सालाना सब्सिडी की जरूरत भी कम हो सकती है।