प्राइवेट एफएम रेडियो उद्योग संकट में
भोपाल [ महामीडिया] देश का प्राइवेट एफएम रेडियो सेक्टर इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। विज्ञापन घट रहे हैं खर्च बढ़ रहा है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की वजह से रेडियो की कमाई पर असर पड़ रहा है। ऐसे में रेडियो कंपनियां सरकार से नियमों में कुछ बड़े बदलाव चाहती हैं।अगर जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में और एफ एम स्टेशन बंद हो सकते हैं। भारत में प्राइवेट एफएम रेडियो चैनलों को स्वतंत्र रूप से न्यूज प्रसारण की इजाजत नहीं है। रेडियो कंपनियों का कहना है कि सिर्फ गानों के भरोसे अब ग्लोबल म्यूजिक और स्ट्रीमिंग ऐप्स से मुकाबला करना मुश्किल हो गया है।ऐसे में न्यूज का प्रसारण रेडियो को नई पहचान दे सकता है। देश के कई बड़े शहरों में अब एफएम रेडियो स्टेशनों पर संकट साफ दिखाई देने लगा है। हाल ही में HT मीडिया ग्रुप ने मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में अपने कुछ एफएम रेडियो लाइसेंस सरेंडर करने का फैसला किया है। इससे पहले TV टुडे नेटवर्क भी कई शहरों में अपने रेडियो ऑपरेशन बंद कर चुका है और Red FM ने भी मुंबई में अपना एक स्टेशन बंद किया था। एफएम स्टेशनों के बंद होने का असर रोजगार पर भी पड़ा है।