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CJI पर टिप्पणी मामले में राउत को SC का नोटिस
नई दिल्ली (महा मीडिया): सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पत्रकार निखिल वागले और शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस SCBA (सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन) द्वारा दायर की गई आपराधिक अवमानना (क्रिमिनल कंटेंप्ट) याचिका के संबंध में है, जो मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के बारे में उनकी टिप्पणियों से जुड़ी है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने उनसे पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। फिलहाल, उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने से छूट दी गई है।
CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी की, "जब भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता या किसी अधिकार पर खतरा आता है, तो यही लोग पहले भी मदद के लिए अदालत के पास आए हैं। अदालतों ने इन अधिकारों की रक्षा करने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी है। और अगर यही लोग अदालतों की निंदा करते हैं, आलोचना करते हैं या उन पर तीखे हमले करते हैं, तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। बहुत ही ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण।" CJI ने आगे कहा, "उम्मीद है कि उन्हें बेहतर समझ आएगी। हम बस यही प्रार्थना कर सकते हैं।"
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने 15 अक्टूबर को निखिल वागले और संजय राउत के खिलाफ आपराधिक अवमानना याचिका दायर की थी। यह याचिका CJI सूर्यकांत के बारे में उनकी टिप्पणियों को लेकर है। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने 'कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट' (न्यायालय अवमानना अधिनियम) के तहत इन दोनों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति दे दी है।
महाषष्ठी से बंगाल का सबसे बड़ा पर्व दुर्गा पूजा शुरू
नई दिल्ली (महा मीडिया): पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा की औपचारिक शुरुआत से जुड़े अनुष्ठान शुक्रवार को पूजा पंडालों में किए गए। महाषष्ठी के अवसर पर लोगों ने सजे-धजे पंडालों में जा कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की।
उत्सव की शुरुआत के लिए ‘कल्पारंभ’ अनुष्ठान किया गया, जबकि देवी के आह्वान के लिए ‘बोधन’ अनुष्ठान भी किया जाएगा। इस अवसर पर माताओं ने अपने बच्चों की सुख-समृद्धि और कुशलता के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महाषष्ठी के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “महाषष्ठी के इस पावन अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”
‘बोधन’ अनुष्ठान देवी दुर्गा को राक्षसों के राजा महिषासुर के खिलाफ युद्ध के लिए जागृत करने का प्रतीक है। यह अनुष्ठान भगवान राम द्वारा वर्ष के असामान्य समय पर देवी का आह्वान करने की पौराणिक कथा से जुड़ा है। इस परंपरा को ‘अकाल बोधन’ कहा जाता है।