कल नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की पूजा
मैहर [ महा मीडिया] नवरात्रि के सातवें दिन भक्त दुर्गा के सबसे उग्र रूपों में से एक देवी कालरात्रि का सम्मान करते हैं । अंधकार का नाश करने वाली कालरात्रि अज्ञान पर प्रकाश की विजय का प्रतीक हैं। उन्हें गधे पर सवार, गहरे रंग की त्वचा, बिखरे हुए बालों और निर्भीक मुद्रा में चित्रित किया गया है। उनकी शक्ति भक्तों को बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाती है।देवी कालरात्रि को एक शक्तिशाली शक्ति के रूप में पूजा जाता है जो अपने भक्तों के जीवन से अंधकार और अज्ञान को दूर करती हैं। उनकी पूजा करने से भय दूर होता है, नकारात्मक प्रभाव समाप्त होते हैं और साहस का संचार होता है। कालरात्रि का संबंध सहस्रार चक्र (क्राउन चक्र) से है जो आध्यात्मिक जुड़ाव और ज्ञान का प्रतीक है। उनकी पूजा इस चक्र को जागृत करने में सहायक होती है जिससे आंतरिक ज्ञान और ईश्वर से गहरा संबंध स्थापित होता है। सातवें दिन का रंग हरा है, जो विकास, शांति और नवीनीकरण का प्रतीक है। इस दिन हरा रंग पहनना शक्ति के नवीनीकरण और देवी कालरात्रि की सुरक्षा का प्रतीक है।