भोपाल में राजस्व वृद्धि के लिए स्थायी पट्टों की जांच शुरू

भोपाल में राजस्व वृद्धि के लिए स्थायी पट्टों की जांच शुरू

भोपाल [ महामीडिया] 

राजधानी भोपाल  में दशकों पुराने स्थायी पट्टों की व्यापक जांच की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्व विभाग को भू-भाटक से होने वाली आय में लगातार कमी और पट्टा शर्तों के उल्लंघन के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थायी पट्टों की जांच और नवीनीकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। बड़ी संख्या में पट्टाधारी वर्षों से न तो समय पर नवीनीकरण करा रहे हैं और न ही निर्धारित भू-भाटक का भुगतान कर रहे हैं जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि 30 वर्ष या उससे अधिक पुराने स्थायी पट्टों का सर्वे कर उनकी वर्तमान स्थिति का परीक्षण करें। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि पट्टाधारी ने पट्टे की शर्तों का पालन किया है या नहीं। यदि किसी मामले में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति पर निर्धारित वार्षिक भू-भाटक का छह गुना तक दंडात्मक शुल्क लगाया जा सकता है। इसका उद्देश्य शासन को हुई राजस्व हानि की भरपाई करना है।

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