जलवायु संकट से बचाव के लिए फसल बीमा सुरक्षा प्रणाली अपनाना जरुरी

जलवायु संकट से बचाव के लिए फसल बीमा सुरक्षा प्रणाली अपनाना जरुरी

भोपाल [ महामीडिया]

भारत में फसल बीमा की व्यवस्था अब तक सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और पूरी फसल खराब होने जैसी घटनाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। लेकिन अब किसानों के सामने एक नई समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या है भीषण गर्मी की। इसमें फसल खेत में खड़ी रहती है पूरी तरह बर्बाद नहीं होती लेकिन उसकी पैदावार और गुणवत्ता दोनों खराब हो जाती हैं। इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है जबकि उन्हें बीमा का लाभ भी नहीं मिल पाता। हीटवेव के लिए सही बीमा मॉडल तैयार करना आसान नहीं है। इसके लिए लंबे समय का स्थानीय डेटा चाहिए जो अभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। अब फसल बीमा को सिर्फ फसल पूरी तरह खराब होने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। बीमा कंपनियों और सरकार को किसानों की घटती आय, गुणवत्ता में गिरावट और बढ़ती लागत को भी ध्यान में रखना होगा। कई विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में फसल बीमा को सिर्फ नुकसान के बाद मुआवजा देने वाली व्यवस्था नहीं बल्कि जलवायु संकट से बचाने वाली व्यापक सुरक्षा प्रणाली बनाना पड़ेगा।

 

 

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