गेहूँ की पांच जलवायु अनुकूल किस्में लोकार्पित

गेहूँ की पांच जलवायु अनुकूल किस्में लोकार्पित

भोपाल [ महा मीडिया] 

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान  ने अपनी  पांच  नवीन बायो फोर्टिफाइड एवं जलवायु-अनुकूल गेहूँ किस्मों को राष्ट्र को समर्पित किया। नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन किस्मों का लोकार्पण किया। यह उपलब्धि केवल एक वैज्ञानिक सफलता नहीं बल्कि देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। केंद्र द्वारा विकसित यह किस्में उच्च उत्पादकता, बायोफोर्टिफिकेशन, बेहतर गुणवत्ता तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना करने की क्षमता जैसे गुणों से युक्त हैं जो भविष्य की टिकाऊ कृषि प्रणाली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

  • DBW 222 (करण नरेंद्र): यह किस्म सामान्य मौसम की मार झेलने में सक्षम है और कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है। इसमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है।
  • DBW 303 (करण वैशाली): जलवायु परिवर्तन के अनुकूल यह किस्म तेजी से किसानों के बीच लोकप्रिय हुई है।यह बढ़ते तापमान को आसानी से सहन कर लेती है और इसमें पोषण का स्तर भी उच्च है।
  • HI 8759 (पूसा तेजस): मुख्य रूप से मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के लिए उपयुक्त यह किस्म गर्मी सहनशील है।इसमें जिंक और प्रोटीन की मात्रा बहुत अच्छी होती है।
  • HD 3226 (पूसा यशस्वी): यह किस्म न केवल विपरीत तापमान (अचानक गर्मी) को सहन कर सकती है बल्कि जिंक और आयरन से भी भरपूर है।
  • DBW 187 (करण वंदना): यह अत्यधिक उपज देने वाली किस्म है जो गर्मी और सूखे के प्रति सहनशील है।यह कई बीमारियों जैसे रतुआ से बचाव करती है और इसका लोहा एवं जिंक  का स्तर सामान्य किस्मों से अधिक होता है।

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