सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह का पर्व गुप्त नवरात्रि
भोपाल [महामीडिया]
गुप्त नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ-साथ दस महाविद्याओं की गुप्त साधना की जाती है। यह पर्व विशेष रूप से तंत्र-मंत्र, सिद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई 2026 की दोपहर 3:12 बजे से शुरू होकर 15 जुलाई 2026 की सुबह 11:50 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता के आधार पर, गुप्त नवरात्रि का आरंभ 15 जुलाई 2026 से होगा।
15 जुलाई को घट स्थापना (कलश स्थापना) का सबसे उत्तम समय सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक रहेगा। गुप्त नवरात्रि केवल अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, इंद्रिय संयम और अंतर्मन के जागरण का भी अवसर है। इन नौ दिनों में साधक सात्विक जीवन, जप, तप, ध्यान और देवी आराधना के माध्यम से अपने भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।