भोपाल [ महा मीडिया] आषाढ़ गुप्त नवरात्रि (15 जुलाई से 23 जुलाई तक) के सप्तम दिवस पर माता के उग्र और कल्याणकारी स्वरूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है! गुप्त नवरात्रि में तंत्र-मंत्र की साधनाओं और गुप्त सिद्धियों का विशेष महत्व माना जाता है।इस दिन विशेष रूप से मां त्रिपुर भैरवी (भीषण और उग्र रूप) या मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। मां कात्यायनी को साहस और प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है।गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना गोपनीय रूप से की जाती है। यह दिन साधकों के लिए नकारात्मक शक्तियों के नाश और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए उत्तम माना गया है। यह साधना तंत्र सिद्धि, गुप्त मनोकामनाओं की पूर्ति और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है।