सीएसआर फंड घोटाले में 40 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और बैंक फंसे
मैहर [महा मीडिया]
प्रवर्तन निदेशालय [ED ] ने कई कॉर्पोरेट घरानों से जुड़े कई बड़े रिश्वत रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह घराने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड की हेराफेरी और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे। देश भर में कम से कम 40 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने आरोपियों द्वारा चलाए जा रहे ट्रस्टों को डोनेशन दिया है। तलाशी में एजेंटों और बिचौलियों के एक नेटवर्क का भी पता चला है जो CSR फंड को ट्रस्टों तक पहुंचाते थे। इसके बाद फंड को मार्केट ऑपरेटरों द्वारा नियंत्रित शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) के द्वारा घुमाया जाता था। इनमें से अधिकतर कंपनियों को GST धोखाधड़ी की जांचों में भी संदिग्ध माना गया है। 40 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और सरकारी बैंक आ गए हैं जिनके शीर्ष अधिकारियों पर रिश्वत लेने और फंड की हेराफेरी करने का आरोप है।